Friday, 21 December 2012



ज़िन्दगी को जीना सिखाना ही होगा

कही कोई तो रोया होगा,
कही किसी की ज़िन्दगी 
का अंत हुआ होगा |
जो कल तक सबको हँसा रहा था,
आज सबको अलविदा कह 
ख़ामोशी से सोया होगा |

सूरज जो चड़ता है
उसे एक दिन उतरना ही है |
जनम जो लेता है,
उसे एक दिन मरना ही है |
कही किसी ने अपनी साँसों को
खोया होगा,
कही दुनिया की भीड़ से दूर
कोई अपने में ही खोया होगा,
कही कोई तो रोया होगा |

मरने से पहले,
सामान्य को असामान्य 
करके दिखाओ|
ज़िन्दगी की विषमताओ से 
लड़कर दिखाओ,
जनम तो हर कोई ले लेता है यहाँ,
जनम लेकर उसको जीकर दिखाओ|
ज़िन्दगी को हस्ते हुए गुजारा,
मौत का भी जश्न मनाना ही होगा|
भूला पाए यह दुनिया,
ज़िन्दगी का अर्थ समझाना ही होगा
ज़िन्दगी एक उधार है
इसे जीना सिखाना ही होगा|
शरीर रहे या न रहे
परन्तु अपने नाम का अस्तित्व 
बनाना ही होगा
ज़िन्दगी को जीना सिखाना ही होगा|


                                   जे.पी.सिंह